इस वर्ष आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए कदम – दर कदम मार्गदर्शिका

इस वर्ष आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए कदम – दर कदम मार्गदर्शिका

चूंकि पिछले कुछ वर्षों में, ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया सरल बनती गयी है जिसने व्यक्तियों को अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) दायर करना बहुत आसान बना दिया है। हमने एक साथ एक कदम-दर-कदम मार्गदर्शिका तैयार की है जो आपके आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग में आपकी सहायता करेगी।

शुरू करने से पहले, अपने आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग के दौरान काम आने वाले कुछ दस्तावेज तैयार रखना सुनिश्चित करें जैसे कि अपना पैन नंबर, आधार कार्ड, फॉर्म 16, आपने ब्याज का विवरण, स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का विवरण, बैंक खाता विवरण और अपने सभी निवेशों के बारे में विवरण। इसके अतिरिक्त, नीचे दी गई तालिका के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना सुनिश्चित करें।

आईटीआर 1 (सहज)

वेतन और ब्याज से आय प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के लिए

आईटीआर 2

व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं प्राप्त होती है

आईटीआर 3

व्यक्तियों / एचयूएफ के लिए जो फर्मों में भागीदार हैं और प्रोप्राइटरशिप के तहत आने वाला कोई व्यवसाय या पेशा संचालित नहीं करते हैं

आईटीआर 4

प्रोप्राइटरशिप के तहत आने वाले व्यवसाय या पेशे से आय प्राप्त करने वाले व्यक्तियों / एचयूएफ के लिए

आईटीआर 4S (सुगम)

अनुमानपरक व्यवसाय से आय वाले व्यक्तियों / एचयूएफ के लिए

 

आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि अगर वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) 2016-17 के दौरान आपकी आय छूट की सीमा से ऊपर थी, तो आपके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है। इसके अतिरिक्त, भले ही आपकी आय निर्धारित कर योग्य सीमा से कम हो, लेकिन विमुद्रीकरण अवधि के दौरान अपने बैंक खातों में पर्याप्त राशि जमा करने में कामयाब रहे हैं, तो आपको कर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा।

आईटीआर 1 दाखिल करने के लिए कदम

1) अपने आयकर रिटर्न को ई-फाइल करने की, कार्यवाही की शुरुआत करने के लिए, यदि आप पहले ही ऐसा नहीं कर चुके हैं तो आपको सबसे पहले अपने व्यक्तिगत विवरणों का उपयोग करके आयकर विभाग की वेबसाइट (https://incometaxindiaefiling.gov.in) पर खुद को पंजीकृत करना होगा। जब आपका ई-फाइलिंग खाता बन जाता है, उसके बाद, आप अपने पैन कार्ड नंबर से अपने खाते में लॉग इन कर सकते हैं जो आपकी जन्मतिथि और पासवर्ड के साथ मिल कर आपके यूजर आईडी के रूप में काम करता है। अपना यूजर आईडी बनाते समय, आपको यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आपका एक सक्रिय ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर है और सुनिश्चित करना होगा कि इसका उल्लेख सही तरीके से किया गया है। इसके अतिरिक्त, खाते में लॉगिन करने के लिए स्क्रीन पर दिखाए गए कैप्चा कोड को भी दर्ज करना सुनिश्चित करना होगा।

2) जब आप लॉगिन हो जाएंगे, आपको डैशबोर्ड स्क्रीन पर रीडायरेक्ट किया जाएगा जिसमें आप अपने सभी प्रासंगिक विवरणों को एक ही जगह पर देख सकते हैं। इसके अलावा, आप अपनी पिछली फाइलिंग भी देख सकते हैं और लंबित कार्रवाइयों की जांच कर सकते हैं, यदि कोई हो।

3) अब, आप दो तरीकों से अपना आयकर रिटर्न ई-फाइल कर सकते हैं, ऑनलाइन या ऑफ़लाइन। आप या तो एक सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड करना चुन सकते हैं और इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से भर सकते हैं या आप फॉर्म को ऑनलाइन ही भर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस मोड का चयन करते हैं। आपको अपना फ़ॉर्म (फॉर्म 16) आयकर फाइलिंग के लिए आवश्यक सभी अनिवार्य दस्तावेजों के साथ सबमिट करना होगा। यदि आप इसे ऑफ़लाइन सबमिट करना चुनते हैं, तो आपको आवश्यक दस्तावेज़ों का XML संस्करण अपलोड करना होगा।

4) सबसे पहले, आपको डाउनलोड सेक्शन में जाना होगा, आवश्यक फॉर्म का चयन करना और इसे अपने कंप्यूटर पर सेव करना होगा। आयकर रिटर्न फॉर्म डाउनलोड करने के बाद, आपके कंप्यूटर पर एक ज़िप फ़ाइल सेव हो जाएगी। सुनिश्चित करें कि केवल आपके लिए लागू आईटीआर फॉर्म ही डाउनलोड करें। जब आप फॉर्म खोल लें, तब अपना नाम, पैन नंबर, आधार नम्बर, अपने घर का पता, जन्मतिथि, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर और आवासीय स्थिति जैसे सभी बुनियादी विवरण भरें, यह रिटर्न चाहे मूल रिटर्न हो या संशोधित रिटर्न। विवरणों को पहले से ही भरे होने का विकल्प भी उपलब्ध है (पिछले आयकर रिटर्न से या पैन डेटाबेस से)।

5) "AL" नाम का एक अतिरिक्त कॉलम भी होता है, वर्ष के लिए आपकी आय 50 लाख रुपये से अधिक होने पर, जिसे भरने की जरूरत होती है। यदि यह निर्दिष्ट सीमा से अधिक है, तो आपको वर्ष के अंत में अपनी संपत्तियों और देनदारियों के मूल्य का खुलासा करना होगा।

6) आपको अपना रिटर्न दाखिल करने से पहले फ़ॉर्म 26AS की जांच करनी चाहिए जो आपके पैन के खिलाफ चुकाए गए कर को सारांशित करने वाला आपका समेकित कर विवरण होता है। आपको सुनिश्चित करना होगा कि आपके फॉर्म 16 फॉर्म के अनुसार भरे गए टीडीएस के आंकड़े फ़ॉर्म 26AS में उल्लिखित आंकड़ों के साथ मेल खाने चाहिए।

7) 'calculate tax' टैब पर क्लिक करके कर देयता राशि देखें, कर का भुगतान करें (यदि लागू हो) और रिटर्न फॉर्म में चालान का विवरण भरें। वर्कशीट में प्रदान किए गए सभी डेटा की पुष्टि करने के लिए सभी शीटों पर दिए गए 'Validate' बटन पर क्लिक करें। यदि आप कोई भी चीज छोड़ देते हैं; तो शीट स्वचालित रूप से आपको छूटे हुए विवरण को भरने के लिए चेतावनी संकेत देगी। जब आप सभी प्रासंगिक विवरण भर लेते हैं, उसके बाद, आपको 'Generate XML' बटन पर क्लिक करना होगा, इसके बाद आईटीआर वेबसाइट पर जाएं, 'upload XML' बटन पर क्लिक करें, अपनी फ़ाइल चुने और अपलोड पूरा हो जाने के बाद 'SUBMIT' बटन पर क्लिक करें।

8) एक पॉप-अप विन्डों प्रदर्शित होगी जो आपको फ़ाइल पर डिजिटल रूप में हस्ताक्षर करने के लिए कहती है। यदि आप अपना डिजिटल हस्ताक्षर पहले ही पंजीकृत कर चुके हैं, तो आपको अपना आईटीआर सबमिट करते समय उसे अपलोड करने के लिए कहा जाएगा। हालांकि, यदि आपके पास डिजिटल हस्ताक्षर नहीं है या रिटर्न दायर करते समय डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड नहीं किया है, तो आपको आधार ओटीपी या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड विधि के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से या ई-फाइलिंग की तारीख से 120 दिनों के भीतर आईटीआर V की एक हस्ताक्षरित प्रति डाक द्वारा सीपीसी, बेंगलुरू को भेजकर अपने रिटर्न को सत्यापित करने का विकल्प मिलेगा।

9) जब आपका डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड और सबमिट हो जाता है, उसके बाद, आईटीआर फाइलिंग की प्रक्रिया समाप्त हो जाती है और आगे सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा, यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि बेंगलुरु में सीपीसी कार्यालय को भौतिक रूप से एक्नोलेजमेंट / आईटीआर V भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।

10) जब आपका रिटर्न सफलतापूर्वक अपलोड हो जाता है उसके बाद, आपको अपने पंजीकृत ईमेल आईडी पर एक एक्नोलेजमेंट / आईटीआर V प्राप्त होगा। वैकल्पिक रूप से, आप यह एक्नोलेजमेंट ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपने खाते से भी डाउनलोड कर सकते हैं।

11) आयकर विभाग आपके आईटीआर को आपके द्वारा सत्यापित करने के बाद संसाधित करेगा और आपके आईटीआर के संसाधित हो जाने पर, आपको टैक्स रिटर्न की प्राप्ति को स्वीकार करते हुए इमेल पर और आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट संदेश के माध्यम से इसके बारे में सूचित करेगा।

12) यदि आपने रिटर्न को ई-सत्यापित नहीं किया है, तो टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को पूरी करने के लिए आपको आईटीआर-वी का प्रिंट लेना चाहिए, इसे नीले रंग की स्याही में हस्ताक्षर करना चाहिए और हस्ताक्षरित आईटीआर-वी रिटर्न दायर करने के 120 दिनों के भीतर बेंगलुरू में सीपीसी कार्यालय में भेज देना चाहिए।

आईटीआर फॉर्म 2 दाखिल करने के लिए कदम

यदि आप एक ऐसे व्यक्ति या एचयूएफ हैं जो "मुनाफे और व्यापार या पेशे से लाभ" से प्राप्त आय के अलावा किसी अन्य स्रोत से आय प्राप्त करता है, तो आपको आदर्श रूप से आईटीआर फॉर्म 2 भरना चाहिए। आप अपना आईटीआर फॉर्म 2 ऑनलाइन या ऑफ़लाइन सबमिट करना चुन सकते हैं। हमने आईटीआर 2 ऑनलाइन सबमिट करने के लिए कदमों को यहाँ सूचीबद्ध किया है।

नोट 1: यदि एक व्यक्ति के रूप में, आपकी आय में प्रोप्राइटरशिप वाले व्यवसाय या पेशे से आय शामिल है, तो आप टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए इस फॉर्म का उपयोग करने के लिए पात्र नहीं हैं।

  • आयकर विभाग की वेबसाइट https://incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं, और आईटीआर फॉर्म 2 विकल्प पर क्लिक करें। एक बार फॉर्म खुलने के बाद, अपना नाम, पैन कार्ड नंबर, जन्मतिथि, आधार नंबर जैसे सभी प्रासंगिक विवरण भरें। पूरा हो जाने पर, अपना फॉर्म सबमिट करने के लिए VALIDATE बटन पर क्लिक करें। अगर फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा, तो आपको इसकी पुष्टि करने वाला एक संदेश मिलेगा।
  • अब फॉर्म के भाग B पर जाएं और वर्ष के दौरान अर्जित अपनी कुल आय दर्ज करें।
  • इसके बाद, आयकर शीट भरें और पहले किए गए किसी भी अग्रिम कर भुगतान का विवरण दर्ज करें। आगे बढ़ने के लिए VALIDATE बटन पर क्लिक करें।
  • TDS शीट पर आगे बढ़ें और संगठन द्वारा कटौती किये गए किसी भी TDS के विवरण का उल्लेख करें। आगे बढ़ने के लिए VALIDATE बटन पर क्लिक करें। उस पर, अगर आपने कोई संपत्ति बेची है, तो फॉर्म 18C भरें।
  • इसके बाद, सेलरी शीट पर जाएं, जहां आपको इम्प्लायर का नाम, पता और सेलरी जैसे विवरणों का उल्लेख करना होगा। फॉर्म सबमिट करने के लिए VALIDATE बटन पर क्लिक करें।
  • यदि आप अपना आईटीआर फॉर्म 2 डिजिटल हस्ताक्षर के तहत इलेक्ट्रॉनिक रूप से सबमिट करते हैं, तो एक्नोलेजमेंट सीधे आपके पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी। वैकल्पिक रूप से, आप अपना आयकर रिटर्न मैन्युअल रूप से सबमिट करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए आप आयकर विभाग की वेबसाइट से अपना भरा हुआ फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं, और इसपर हस्ताक्षर करके ई-फाइलिंग के 120 दिनों के भीतर डाक द्वारा बैंगलोर में आयकर विभाग के सीपीसी कार्यालय में भेज सकते हैं।

नोट 2: याद रखें कि आईटीआर -2 एक संलग्नक रहित फॉर्म है यानी जब आप इसे भेजते हैं तो आपको कोई भी दस्तावेज़ संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होती है।

आईटीआर फॉर्म 3 दाखिल करने के लिए कदम

यदि आप एक ऐसे व्यक्ति / एचयूएफ हैं जो किसी व्यवसाय या पेशे से मुनाफे और लाभ से आय प्राप्त करते हैं, तो आदर्श रूप से आपको आईटीआर फॉर्म 3 भरना होगा। उस पर, यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने निम्नलिखित स्रोतों से आय अर्जित की है, तो आप आईटीआर फॉर्म 3 दायर करने के योग्य हैं:

  • यदि आप एक व्यवसाय या पेशा चला रहे हैं
  • गृह संपत्ति, वेतन / पेंशन और अन्य स्रोतों से अर्जित कोई आय भी इस श्रेणी के तहत शामिल की जा सकती है।

नोट 1: यदि आप एक ऐसे व्यक्ति / एचयूएफ हैं जिन्होंने व्यवसाय / पेशे को संचालित करने वाली किसी साझेदारी फर्म का भागीदार होने के परिणामस्वरूप आय अर्जित की है, तो आप आईटीआर फॉर्म 3 दायर करने के योग्य नहीं हैं। इस स्थिति में, आपको इसके बजाय आईटीआर फॉर्म 2 के तहत रिटर्न दाखिल करना होगा।

नोट 2: हालांकि एक व्यक्ति के रूप में, आप के पास आईटीआर फॉर्म 3 को ऑफ़लाइन सबमिट करने का विकल्प मिलता है, लेकिन केवल निम्नलिखित व्यक्ति ही ऑफ़लाइन रिटर्न दायर करने के योग्य हैं

  • यदि आप 80 वर्ष या उससे अधिक की आयु पार कर चुके है।
  • यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी वर्ष के दौरान आय 5,00,000 रुपये से कम है और उस वित्तीय वर्ष में कोई रिफंड का दावा दायर नहीं किया है।

नोट 3: इसके अलावा, एक व्यक्ति के रूप में, यदि आप स्वयं को निम्नलिखित श्रेणियों के अंतर्गत पाते हैं, तो आपको अपना रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऑनलाइन दायर करना होगा:

  • यदि आपकी कुल आय 5,00,000 रुपये से अधिक है।
  • यदि एक निवासी कर निर्धारिती के रूप में, आप भारत के बाहर स्थित किसी संपत्ति के मालिक हैं या यदि हस्ताक्षर करने वाला प्राधिकारी व्यक्ति भारत के बाहर निवास करता है।
  • यदि आप धारा 90/90A या 91 के तहत छूट का दावा कर रहे हैं और आपके मामले में अनुसूची FSI और अनुसूची TR लागू हैं।

आईटीआर फॉर्म 3 का ढांचा

आईटीआर फॉर्म 3 प्रभावी ढंग से 2 भागों और 23 अनुसूचियों में विभाजित है:

  • भाग A में सामान्य जानकारी शामिल होती है।
  • भाग B में कर योग्य आय से संबंधित कर गणना के साथ कुल आय के बारे में ब्योरा शामिल होता है।

आईटीआर फॉर्म 3 कैसे भरें?

फॉर्म 3 भरते समय, आपको इसे निम्नलिखित क्रम में भरने का ध्यान रखना चाहिए।

  • भाग A- सामान्य
  • अनुसूचियां
  • भाग B-TI और भाग B-TTI
  • सत्यापन

एक बार जब आप अपना डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेज देते हैं, तो आप फॉर्म ITR-V में अपने रिटर्न का सत्यापन सबमिट कर सकते हैं।

सबमिट किये गए रिटर्न (ITR-V) की इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-सत्यापन कोड (EVC) के द्वारा पुष्टि की जा रही है।

नोट 4: आईटीआर फॉर्म 2 के समान ही, आपको रिटर्न फॉर्म के साथ कोई दस्तावेज़ (टीडीएस प्रमाणपत्र सहित) संलग्न करने की आवश्यकता नहीं होती है।

आईटीआर फॉर्म 4 दाखिल करने के लिए कदम

एक व्यक्ति के रूप में, यदि आपने पूर्वअनुमानित आय योजना का चयन किया है, तो आपको आईटीआर फॉर्म 4 भरना होगा। इसके अलावा, यदि आप एक व्यवसाय चला रहे हैं या पेशे को संचालित करते हैं, तो आप आयकर अधिनियम की धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत इस योजना का चयन कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपका कारोबार 2 करोड़ रुपए से अधिक है, तो आपको इसके बजाय आईटीआर 3 दायर करना होगा।

यदि एक व्यक्ति के रूप में, आप एक डॉक्टर, एक शिक्षक, इंटीरियर डिजाइनर, तकनीकी परामर्शदाता, फैशन डिजाइनर, बीमा एजेंट, एकाउंटेंट इत्यादि जैसे व्यवसायों में लगे हुए हैं, तो आप आईटीआर 4 योजना के तहत रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

नोट 1: यदि आप उपरोक्त उल्लिखित व्यवसायों में से किसी एक में फ्रीलांसर हैं, और यदि आपकी सकल प्राप्तियां 50 लाख रुपये से अधिक नहीं हैं तो भी आप इस योजना को चुन सकते हैं।

नोट 2: यदि आप माल परिवहन व्यवसाय में लगे व्यक्ति हैं और आप 10 या उससे कम संख्या में माल वाहक गाड़ियों के मालिक हैं, और जबकि आपने धारा 44AE के तहत पूर्वअनुमानित कराधान योजना का चयन भी किया हैं, तो आप आईटीआर 4 दायर करना चुन सकते हैं।

आईटीआर फॉर्म 4 का ढांचा

फॉर्म आईटीआर 4 प्रभावी ढंग से विभिन्न वर्गों में विभाजित है, अर्थात् भाग A, B, C और D तथा इसके बाद सत्यापन और हस्ताक्षर भाग।

आईटीआर फॉर्म 4 कैसे भरें?

फॉर्म आईटीआर 4 भरते समय, आपको इसे निम्नलिखित क्रम में भरने का ध्यान रखना चाहिए।

  • भाग A
  • सभी अनुसूचियां
  • भाग B
  • सत्यापन

आईटीआर फॉर्म 4S दाखिल करने के लिए कदम

अनिवार्य रूप से एक विशेष आईटीआर फॉर्म, आईटीआर फॉर्म 4S एक साधारण रिटर्न है जिसमें केवल तीन पेज होते हैं। एक विशेष योजना होने के नाते, यदि आपने इस योजना का चयन किया है, तो आपको एकाउंटिंग रिकॉर्ड मेन्टेन रखने की आवश्यकता नहीं होती है।

आईटीआर -4S में निम्नलिखित अनुभाग शामिल हैं जिन्हें भरना आवश्यक होता है:

  • सकल टर्नओवर या सकल प्राप्तियां
  • कुल अनुमानित आय
  • कुल सनड्राई देनदार
  • कुल सनड्राई क्रेडिटर्स
  • कुल स्टॉक-इन-ट्रेड
  • कैश बैलेंस

(इस ब्लॉग में प्रस्तुत विस्तृत जानकारी की सटीकता बनाए रखने के लिए सभी सावधानियां अपनाई गई है। हालांकि, अविवा ब्लॉग की सटीकता या इसके आधार पर की गयी कार्यवाहियों की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता हैं। किसी अन्य स्पष्टीकरण के लिए कृपया आयकर विभाग की ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग साइट https://www.incometaxindia.gov.in/Pages/tax-services/file-income-tax-return.aspx, को देखें)

AUG AN 44/18

 

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