क्या आपको टर्म बीमा कराना चाहिए?

क्या आपको टर्म बीमा कराना चाहिए?

टर्म इंश्योरेंस जीवन बीमा का एक प्रकार है, जो एक निर्धारित अवधि के लिए प्रभावशाली होता है। जीवित रहते, बीमा धारक को समान अंतराल पर बीमा की किश्तें भरनी होती है, जो मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, सिंगल प्रीमियम या वार्षिक हो सकती है। बीमा धारक की उस अवधि में मृत्यु होने पर इस सुरक्षा प्लान के तहत बीमा कंपनी मृतक के द्वारा चयनित परिवारीजन (Nominee) को एक निश्चित धनराशि देती है।

जिंदगी के हर पहलू पर तो हम नियंत्रण नहीं रख सकते, पर कुछ चीजें हैं जिनके जरिये हम अचानक होने वाली घटनाओं के समय भी इसको संतुलित रख सकते हैं। टर्म प्लान इसमें आपकी मदद कर सकता है। अगर आप अभी भी इसी उपापोह में हैं कि टर्म प्लान लेना सही रहेगा कि नहीं, तो इन प्रश्नो के उत्तर पढ़िए। इससे आप आसानी से सही निर्णय ले पाएंगे:

  • क्या आपके परिवार में सिर्फ आप ही कमा रहे हैं?

जीवन काफी हद तक अप्रत्याशित है और अगले क्षण क्या होने वाला है, ये किसी को नहीं पता। यदि आप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति हैं, तो आपको कुछ होने पर आपके परिवार के लिए यह भयावह स्थिति होगी। टर्म प्लान ऐसे समय में आपके घर वालों को एक ऐसा सुरक्षित जीवन देगा, जहाँ उनको अपनी लाइफस्टाइल या खुशियों से समझौता नहीं करना पड़ेगा। यह एक सहायक कमाई के जरिये के रूप में उभरकर उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करेगा।

  • क्या आपने लम्बी अवधि के लिए कोई ऋण या लोन ले रखा है?

हर किसी की यह इच्छा होती है कि वह अकाल मृत्यु जैसे भयावह संकट से जूझ रहे अपने परिवार के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली आर्थिक जिम्मेदारियां पीछे छोड़कर ना जाए। टर्म इंश्योरेंस कराने से आपके द्वारा घर, कार, पर्सनल, क्रेडिट कार्ड पर लिए गए, या अन्य प्रकार के लोन इंश्योरर कंपनी की जिम्मेदारी होते हैं। इसका मतलब यह है कि आपकी फैमिली को यह सब लोन नहीं भरने पड़ेंगे। चूंकि टर्म प्लान आपके घर के सभी सदस्यों को एकजुट और बिना परेशानी के जीने में मदद करेगा, यह आपको भी संतुष्ट रखेगा।

  • क्या आप टैक्स बचाने के लिए कोई साधन ढूंढ रहे हैं?

टर्म इंश्योरेंस टैक्स बचाने में भी बीमा धारक की मदद करता है। प्रीमियम की राशि पर आप सेक्शन 80C के तहत अपनी टैक्सेबल आय में से अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपये पर टैक्स से छूट पा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, आपकी मृत्यु के समय आपके परिवार को मिलने वाला धन भी टैक्स के दायरे में नहीं आएगा। यह लाभ इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10 (10D) के तहत कुछ शर्तों के साथ टैक्स-मुक्त रखा गया है।*

  • क्या आप अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं?

टर्म इंश्योरेंस प्लान अधिकतर कुछ अतिरिक्त स्कीमों के साथ आते हैं। बीमा धारक मामूली-सी अतिरिक्त राशि देकर उन स्कीमों के तहत मिलने वाले फायदों और सुरक्षा का लाभ अपने परिवार को दिला सकता है। यह योजनाएं आपकी जिंदगी में आये आकस्मिक बदलावों के लिए आपको तैयार करती हैं। जैसे कि - यदि आपकी मौत किसी दुर्घटना में होती है, तो नॉमिनी को सुनिश्चित धनराशि से दुगुनी रकम मिलती है। ऐसे ही, यदि आप किसी गंभीर बीमारी के चलते हमेशा के लिए कोमा में चले जाते हैं या कार्य करने में अक्षम हो जाते हैं, बीमा कंपनी उसके लिए परिवार को अतिरिक्त कवर देती है।

निर्णायक विचार

अच्छी आर्थिक रणनीति बनाने के लिए सही जीवन बीमा का चुनाव अति आवश्यक है। तो हमेशा, किसी भी प्लान के बारे में पूरी जानकारी इकठ्ठा करके ही उसमें निवेश करें।

टर्म इंश्योरेंस लेकर आप अपने ऊपर निर्भर लोगों के जीवन हमेशा के लिए सुगम रखने की तरफ एक सही कदम उठाते हैं। इसीलिए, जितनी जल्दी भी संभव हो, आपको इसे ले लेना चाहिए। याद रखें, टर्म बीमा लेने के लिए आप कभी भी लेट नहीं हैं।

*टैक्स-सम्बन्धी नियम सरकार के अधीन हैं और कभी भी परिवर्तित हो सकते हैं।

AN Mar 92/18

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